दुबई के ICC अकादमी ग्राउंड में खेले गए अंडर-19 एशिया कप 2025 के सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने जो दमखम दिखाया है, उसने साफ कर दिया है कि ये युवा ब्रिगेड किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। बारिश के खलल के चलते 50 ओवर का ये मैच टी20 (20-20 ओवर) में तब्दील हो गया था, लेकिन भारतीय टीम के इरादों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। श्रीलंका का सफर यहीं खत्म करते हुए भारत ने 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की और फाइनल का टिकट कटा लिया। अब रविवार, 21 दिसंबर का दिन क्रिकेट फैंस के लिए एक हाई-वोल्टेज ब्लॉकबस्टर होने वाला है, क्योंकि खिताबी जंग में भारत के सामने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान होगा, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश को धूल चटाई है।
शुरुआती झटकों से उबरकर भारत की दमदार वापसी
मैच की बात करें तो श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 138/8 का सम्मानजनक स्कोर टांगा था। चमिका हीनातिगला (42 रन, 38 गेंद) और कप्तान विमथ दिनसारा (32 रन, 29 गेंद) ने अपनी टीम की पारी को संभालने की भरपूर कोशिश की। हालांकि, हेनिल पटेल और कनिष्क चौहान (दोनों को 2-2 विकेट) की कसी हुई गेंदबाजी के आगे श्रीलंकाई खेमा आखिरी ओवरों में ज्यादा खुलकर नहीं खेल पाया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत थोड़ी डगमगाई हुई रही। कप्तान आयुष म्हात्रे (8 गेंदों में 7 रन) और पूरे टूर्नामेंट में अपने बल्ले से आग उगलने वाले वैभव सूर्यवंशी (9 रन) सस्ते में पवेलियन लौट गए। महज़ 25 रन के स्कोर पर दो अहम विकेट गंवाने के बाद हालात थोड़े पेचीदा लग रहे थे और टीम इंडिया मुश्किल में नजर आ रही थी। लेकिन यहीं पर आरोन जॉर्ज और विहान मल्होत्रा ने मोर्चा संभाला। इन दोनों ने ऐसी खूंटा गाड़ बल्लेबाजी की कि श्रीलंकाई गेंदबाजों के पसीने छूट गए। जॉर्ज ने 49 गेंदों में 58 रन ठोके, तो मल्होत्रा ने 45 गेंदों में नाबाद 61 रनों की ताबड़तोड़ मैच-विनिंग पारी खेलकर 18वें ओवर में ही टीम को 85 रन के पार ले जाते हुए जीत की दहलीज पार करा दी।
‘सदियों में एक बार आता है ऐसा टैलेंट’: वैभव पर स्वान का विश्लेषण
भले ही इस सेमीफाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला खामोश रहा हो, लेकिन इस 15 साल के लड़के का इम्पैक्ट क्रिकेट जगत में गूंजने लगा है। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज स्पिनर ग्रीम स्वान तो इस युवा टैलेंट के मुरीद हो चुके हैं। रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान स्वान वैभव की तारीफों के पुल बांधते नहीं थक रहे थे, यहां तक कि जब उनसे दूसरे विषयों पर सवाल पूछे जा रहे थे, तब भी बातों का रुख वैभव की तरफ ही मुड़ जा रहा था।
स्वान ने वैभव को ‘वन्स इन ए जनरेशन टैलेंट’ करार दिया। उनका स्पष्ट रूप से मानना है कि इस ‘बॉक्स-ऑफिस बैटर’ को सीनियर टी20 इंटरनेशनल टीम से ज्यादा दिन दूर रखना नाइंसाफी होगी।
“अगर मैं भारतीय कप्तान या कोच होता, तो वैभव को तुरंत टीम में शामिल कर लेता। वो जितनी जल्दी इंटरनेशनल क्रिकेट खेलेगा, उतना ही बेहतर होगा। कोई कारण नहीं है कि वो अगले 15 सालों तक दुनिया का बेस्ट प्लेयर न बन सके। वो वाकई उतना उम्दा है,” स्वान ने कहा।
आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में बेंच पर बैठे रहने के कारण इस लेफ्ट-हैंडर बल्लेबाज को अपने इंटरनेशनल डेब्यू का अभी भी इंतजार है। इस पर स्वान ने तर्क दिया, “अगर आप मौजूदा प्लेइंग इलेवन को देखें, तो परफॉरमेंस के आधार पर किसी को भी ड्रॉप करना सही नहीं लगता। लेकिन आप ये बहस जरूर कर सकते हैं कि वैभव ने आईपीएल में उन सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। सच का सामना करें; उसके आंकड़े झूठ नहीं बोलते। इसलिए व्यक्तिगत तौर पर, मैं उसी के इर्द-गिर्द बैटिंग लाइन-अप तैयार करता।”
स्वान ने अपनी बात में वजन डालते हुए कहा कि वैभव को लेकर जो हाइप है, वो पूरी तरह से असली है। “वो इंग्लैंड में ड्राइविंग लाइसेंस लेने की उम्र का भी नहीं है, लेकिन दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने का दम रखता है। भारतीय वनडे और टी20 टीमें वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों से भरी पड़ी हैं, लेकिन एक बच्चा आकर सबसे ज्यादा रोमांचित कर रहा है, ये वाकई हैरान करने वाला है।”
इसके साथ ही स्वान ने नए कप्तान श्रेयस अय्यर पर भी पूरा भरोसा जताया कि वे अपने पूर्ववर्तियों—रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव—द्वारा सेट किए गए ऊंचे मानकों को बखूबी आगे बढ़ाएंगे।
एशिया कप में उतरी दोनों टीमों का स्क्वाड
रविवार को होने वाले इंडो-पाक महामुकाबले से पहले, आइए उन खिलाड़ियों पर नजर डालते हैं जो इस टूर्नामेंट में अपनी टीमों का हिस्सा रहे हैं:
भारतीय अंडर-19 टीम: आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश पंगालिया, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, दीपेश देवेंद्रन, उधव मोहन, किशन कुमार सिंह, नमन पुष्पक, हेनिल पटेल, आरोन जॉर्ज और युवराज गोहिल।
श्रीलंकाई अंडर-19 टीम: दिमंथा महाविथाना, वीरन चामुदिथा, किथमा विथानापतिराना, कविजा गमागे, विमथ दिनसारा (कप्तान), चमिका हेनातिगाला, डुलनिथ सिगेरा, एडम हिल्मी (विकेटकीपर), सेठमिका सेनेविरत्ने, रसिथ निमसारा, थारुशा नवोद्य, मथुलन कुगाथास, विग्नेश्वरन आकाश, थारुशा नेथसारा और सनुजा निंदुवारा।