श्रेयस अय्यर आखिर हैं कहाँ? कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और उनके पूर्व कप्तान के बीच की कड़वाहट एक बार फिर तब सतह पर आ गई, जब फ्रेंचाइजी ने अपनी 2024 की आईपीएल खिताबी जीत की दूसरी सालगिरह पर जश्न मनाने वाली एक पोस्ट शेयर की। 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले श्रेयस को रिलीज करने और फिर उनका पंजाब किंग्स (PBKS) में शामिल होना, तब से ही केकेआर के साथ उनके समीकरण पर लगातार चर्चा होती रही है। 26 मई को जब केकेआर ने अपनी जीत के दो साल पूरे होने पर ट्रॉफी के साथ टीम की तस्वीर पोस्ट की, तो फैंस यह देखकर सन्न रह गए कि खिताब दिलाने वाला कप्तान ही उस तस्वीर से गायब था। यहां तक कि फाइनल के हीरो रहे खिलाड़ियों की तस्वीरों में भी श्रेयस का कहीं कोई अता-पता नहीं था।
फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और वे फ्रेंचाइजी पर अपने ही उस कप्तान का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं जिसने उन्हें तीसरी बार चैंपियन बनाया था। वैसे यह कोई पहली बार नहीं है; 2025 के बाद से ही केकेआर मैनेजमेंट पर अक्सर ये आरोप लगते रहे हैं कि वे खिताबी जीत का श्रेय गिने-चुने खिलाड़ियों को देते हैं और अय्यर के भारी-भरकम योगदान को अपनी सहूलियत के हिसाब से भूल जाते हैं।
विडंबना देखिए कि इस विवाद के बीच दोनों ही पक्षों के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में केकेआर ने शुरुआत में ही लगातार छह मैच गंवा दिए और 14 मैचों में केवल 6 जीत के साथ प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। दूसरी तरफ, 2025 में रनर-अप रही श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स का पतन तो और भी नाटकीय रहा। उन्होंने लगातार छह जीत के साथ टूर्नामेंट का धमाकेदार आगाज किया था और उनका प्लेऑफ खेलना तय लग रहा था। लेकिन अचानक टीम ताश के पत्तों की तरह बिखरी और लगातार छह हार के सिलसिले ने उनके शानदार सीजन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
मुल्लांपुर में एलिमिनेटर की जंग: एसआरएच बनाम आरआर
इधर पुरानी चैंपियन टीमें अपनी गलतियों पर माथापच्ची कर रही हैं, और उधर आईपीएल 2026 अपने सबसे नाजुक और रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। मुल्लांपुर में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) एलिमिनेटर के महामुकाबले में आमने-सामने हैं। यह सीधा नॉकआउट है—हर एक ओवर कीमती है और जीतने वाले को क्वालिफायर 2 का टिकट मिलेगा।
सनराइजर्स की पूरी रणनीति उनके विस्फोटक टॉप ऑर्डर के इर्द-गिर्द घूमती है। अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन पूरे सीजन में टीम की बैटिंग की जान रहे हैं। उनका आक्रामक रवैया शुरुआत से ही राजस्थान पर भारी दबाव बना सकता है। हालांकि, हैदराबाद की गेंदबाजी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। साकिब हुसैन और इशान मलिंगा ने यकीनन अपनी प्रतिभा दिखाई है, लेकिन दबाव वाले अहम मौकों पर टीम ने खूब रन लुटाए हैं।
राजस्थान रॉयल्स की कहानी भी कमोबेश ऐसी ही है। उनकी बल्लेबाजी काफी हद तक यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और रियान पराग पर निर्भर है। अगर टॉप ऑर्डर चल गया, तो रॉयल्स हावी हो सकते हैं, लेकिन अचानक से विकेटों की झड़ी लगने की उनकी पुरानी आदत ने उन्हें पहले भी नुकसान पहुंचाया है। जोफ्रा आर्चर और यश दयाल ने गेंदबाजी आक्रमण को लगातार अच्छे से संभाला है, फिर भी प्रेशर सिचुएशन में यह यूनिट थोड़ी लड़खड़ाती हुई नजर आती है।
पिच का मिजाज और अहम आंकड़े
महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर की पिच बल्ले और गेंद के बीच एक बेहतरीन चुनौती पेश करती है। पावरप्ले के दौरान नई गेंद से तेज गेंदबाजों को अच्छा मूवमेंट मिलता है, वहीं बल्लेबाज भी शानदार पेस और उछाल का पूरा फायदा उठा सकते हैं। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच थोड़ी धीमी पड़ने लगती है, जिससे कटर्स और धीमी गेंदें काफी कारगर साबित होती हैं। पहली पारी में 170-180 का स्कोर यहां चुनौतीपूर्ण माना जाता है, हालांकि अगर बल्लेबाज टिक जाएं तो इससे बड़े स्कोर की भी पूरी गुंजाइश रहती है।
आंकड़ों की बात करें तो इस मैदान पर राजस्थान का पलड़ा भारी है। उन्होंने मुल्लांपुर में अब तक खेले गए अपने तीनों मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद का इस स्टेडियम में अनुभव मिला-जुला रहा है; उन्होंने अपने दो मुकाबलों में से एक जीता है और एक में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल 2026 के इस एलिमिनेटर में ये दोनों टीमें इस मैदान पर पहली बार एक-दूसरे से टकरा रही हैं, जिसने इस मुकाबले को और भी ज्यादा अनप्रिडिक्टेबल बना दिया है।