क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों काफी कुछ घटित हो रहा है। एक तरफ जहाँ भारत में आईपीएल 2026 के मुकाबले फैंस का जमकर मनोरंजन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मैदान के बाहर श्रीलंकाई क्रिकेट का प्रशासनिक ढांचा भारी उथल-पुथल से गुज़र रहा है। खेल के इन दोनों अलग-अलग पहलुओं पर नज़र डालना बेहद दिलचस्प है।
पंजाब किंग्स का अजेय सफर और राजस्थान रॉयल्स की वापसी की जद्दोजहद इस सीज़न में पंजाब किंग्स का प्रदर्शन अब तक बेमिसाल रहा है। न्यू चंडीगढ़ में इस मंगलवार को उनका सामना राजस्थान रॉयल्स से होने जा रहा है, जहाँ उनकी नज़रें अपनी जीत की लय को बरकरार रखने पर होंगी। पंजाब की टीम इस साल एक अलग ही फॉर्म में है और अपने शुरुआती सात मैचों में वह अब तक अजेय है। बारिश के कारण रद्द हुए एक मैच को छोड़ दें, तो उन्होंने छह मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की है। हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली उनकी ऐतिहासिक जीत ने उनके हौसले और भी बुलंद कर दिए हैं।
दूसरी ओर, राजस्थान रॉयल्स की स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण नज़र आ रही है। सीज़न की बेहतरीन शुरुआत के बाद टीम का प्रदर्शन हालिया मैचों में लड़खड़ा गया है। पिछले तीन मुकाबलों में से दो में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में प्लेऑफ़ की दौड़ में खुद को बनाए रखने और अंक तालिका के ऊपरी हिस्से में जगह सुरक्षित करने के लिए राजस्थान को हर हाल में जीत की पटरी पर लौटना होगा। खेल प्रशंसक और दांव लगाने वाले भी इस रोमांचक मुकाबले पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए हैं।
पीसीए न्यू क्रिकेट स्टेडियम: पिच का मिज़ाज और अहम आंकड़े न्यू चंडीगढ़ का पीसीए क्रिकेट स्टेडियम आम तौर पर एक संतुलित पिच प्रदान करता है। यहाँ बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों, दोनों के लिए भरपूर मदद मौजूद रहती है। तेज़ गेंदबाज़ों को जहाँ सतह से उछाल और गति मिलती है, वहीं छोटी बाउंड्री और तेज़ आउटफ़ील्ड के कारण यह मैदान हाई-स्कोरिंग मैचों के लिए भी जाना जाता है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर अमूमन 170 रनों के आसपास रहता है।
शाम के समय यहाँ ओस गिरने की संभावना काफी अधिक होती है। ऐसे में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को सीधा फायदा मिल सकता है, क्योंकि गेंद के गीला होने पर स्पिनरों के लिए उसे ग्रिप करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
आंकड़ों की बात करें तो 2025 में मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 228/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जो इस मैदान का सर्वोच्च टीम स्कोर है। इसके विपरीत, सबसे कम स्कोर का अनचाहा रिकॉर्ड कोलकाता नाइट राइडर्स के नाम है, जो 2025 में ही पंजाब किंग्स के खिलाफ महज़ 95 रनों पर सिमट गई थी। व्यक्तिगत प्रदर्शन में प्रियांश आर्य का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 42 गेंदों में 103 रनों की तूफानी पारी खेली थी और इस मैदान पर कुल 315 रन बनाकर वह सबसे सफल बल्लेबाज़ बने हुए हैं। गेंदबाज़ी में इस मैदान पर सबसे घातक और किफायती स्पेल युज़वेंद्र चहल का रहा है, जिन्होंने पंजाब की ओर से खेलते हुए कोलकाता के खिलाफ 28 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे।
श्रीलंका क्रिकेट में भूचाल: सरकार के दबाव में पूरे बोर्ड का इस्तीफा भारत में जहाँ क्रिकेट का खुमार अपने चरम पर है, वहीं पड़ोसी देश श्रीलंका में खेल का प्रशासन एक गहरे संकट से गुज़र रहा है। मंगलवार को श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की कार्यकारी समिति ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार की ओर से बोर्ड में व्यापक बदलाव और एक नए नेतृत्व की मांग के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।
एसएलसी अध्यक्ष शम्मी सिल्वा का चौथा दो-वर्षीय कार्यकाल अभी 11 महीने बचा हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने एक विशेष बैठक बुलाई और पूरी समिति के इस्तीफे की घोषणा कर दी। सूत्रों की मानें तो यह इस्तीफा एक अंतरिम प्रबंधन समिति के लिए रास्ता साफ करने के मकसद से दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस नई समिति का नेतृत्व एक पूर्व इन्वेस्टमेंट बैंकर के हाथों में होगा, जो वर्तमान में एक विपक्षी राजनेता भी हैं।
यह पूरा घटनाक्रम श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और सिल्वा के बीच सप्ताहांत में हुई बातचीत के तुरंत बाद सामने आया है। इस बैठक में बोर्ड के पुनर्गठन और एक नई शासन प्रणाली को लागू करने पर गंभीरता से चर्चा हुई थी। श्रीलंका क्रिकेट देश की सबसे अमीर खेल संस्था है, लेकिन पिछले काफी समय से इस पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। बोर्ड के कामकाज को लेकर यह कोई नई बात नहीं है। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते ही नवंबर 2023 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने श्रीलंका की सदस्यता निलंबित कर दी थी, जो कि क्रिकेट की दुनिया में एक दुर्लभ और बेहद सख्त कदम माना जाता है। इस ताज़ा प्रशासनिक फेरबदल ने श्रीलंकाई क्रिकेट के भविष्य पर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।